कटप्पा ने बाहुबली को मारा क्यू लीजिए भर टोकरी कारण – आनंद 😜😜


बाहुबली 2 का ट्रेलर आजे रिलीज हो गया है महराज, लगभग दो साल तक पूरे देश तो देश विदेश के अदमियो सब के माथा ई सवाल ढूंढने में भिन्ना गया कि अबे कटप्पा ने बाहुबली को मारा क्यू था?
गुगल सीईयो सुंदर पिचाई से लेकर अपने मोदी जी तक सब कटप्पा और बाहुबली का जिक्र कर चुके है. ट्रेलर आजे आया है, ट्रेलर शानदार है, ट्रेलर में बेहतरीन लोकेशन्स, वार सीन्स और शानदार विजुअल इफेक्ट्स दिखाए गए हैं. भोरे से पांच बार देख लिए है लेकिन अभियो ससपेंस बरकरार है कि कटप्पा मारा क्यूं था,इस पर खूब जोक्स what’s app, facebook पर पढ़े होंगे.

कटप्पा काहे मारा बाहुबली को हमहूं भर टोकरी कारण लाए हैं देखिए निम्नवत है –

1. कटप्पा को तो देखे ही है पूरा मूरी (सर) पर के केश उ़ड़ गेल है, पहले कटप्पा वैसा नहीं था, हैंडसम वरूण धवन टाईप, अजय देवगऩ के जैसा झूल्फी था, दरअसल कटप्पा को आईएएस की तैयारी करने का सजेशन बाहुबली ने दिया, और तब कटप्पा तैयारी के लिए मुखर्जी नगर दिल्ली तत्कालीन हस्तिनापुर आया था और सब जानते ही है कि मुखर्जी नगर मे तो भईया यूपीएससी तो 90% स्टूडेंट का और कुछ बलिदान ले न ले, सर पर के पूरा बाल का बलिदान तो ले ही लेती है। 6-7 अटेंप्ट दिया मेंस तक, एकदमे के सनक गया, कि अबे बाहुबली के चक्कर मे ही हम इहां पिसा रहे है, इहे बाबू के हमरा चढ़ा दिया की हं करवाइए यूपीएससी की तैयारी, साला 7 अटेंप्ट दे दिया, यूपीएससी हिला नहीं और सर पर बाल बचा नहीं, ऐही से सनक के एकदिन मौका देख के भोंक दिया।

2. एकदिन कटप्पा नया जियो सीम लिया भल्लालदेव के आधार कार्ड पर, फेसबुक पर आईडी बनाया और फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दिया बाहुबली को, बाहुबली एक्सेप्ट कर लिए, यहां तक तो ठीक है, अब बाहुबली क्या करता, डेली सुबह-शाम फीलिंग हैप्पी, एंग्री, सैड लिख के कटप्पा, सहित सोनी कुमारी, मोनी कुमारी विथ 78 अदर्स को टैग कर देता था, अब बेचारा कटप्पा नोटिफिकेशन से परेशान कभी माथा पिटता तो कभी आस पास के चेलो को पीटता, मौका देख रहा था देख रहा था, एक दिन युद्ध मे पीछे से ही तलवार भोंक दिया।

3. कटप्पा ससुरा जियो सीम रखे था, और बाहुबली एयरटेल, जानते ही है एयरटेल केतना महंगा है, धोखा से भी डाटा खत्म हुआ इतना जल्दी एकाउंट से पैसा लूटता है उतना तो विजय माल्या भी नहीं, एक दिन बाहुबली महिष्मति साम्राज्य के राजस्व का डाटा एनालिसिस कर रहे थे, साईड में देखा कि कटप्पा यूटूब चला रहा है, अब जियो के स्पीड से प्रभावित हो कर कटप्पा से जियो सीम छीन लिया, छीना तो छीना कभी भी हॉट स्पॉट नहीं ऑन नहीं रखता था, कटप्पा एकदम बउरा गया, फिर मौका देखा घोंप दिया तलवार।
4. देखिए कटप्पा के पिनपिनाने का और कारण भी था, इसका पता आदरणीय मायावती जी और कुछ प्रगतिशील न्यूज चैनल जो झट से बिना कुछ बूझे सूझे मानव को पहिले मानव नहीं दलित घोषित कर देता है उन्ही के द्वारा पता चला, मायावती के अनुसार – कटप्पा दलित समुदाय से था और उसका शोषण सवर्ण बाहुबली द्वारा निरंतर जारी था, मायावती जी उनसे मिली और बोली की चलो यूपी टिकट देंगे, एकबार एलेक्शन प्रमोशन कर दो, कटप्पा राजी था कि हां बहनजी का प्रमोशन कर देंगे लेकिन बाहूबली रोका की देखो अभी राज्य का डिफेंस प्रभार तुम्हरे हाथ में है और तू ही चला जाएगा तो फिर राज्य में अराजकता नहीं फैलेगी, कटप्पा एकदमे बौउरा गया, इसलिए मौका देखा फिर भोंक दिया.
5. एक अन्य कारण भी है जो कि बचपन का ही है, बाहुबली से कटप्पा ऐही से और भिन्नाए रहता था कि बाहुबली क्रिकेट खेलता और केवल बैटिंग ही करता था, कटप्पा से बौलिंग करवा करवा के बाएं हाथ के मध्यम गति के तेज गेंदबाज बनवा दिया था एही से एकदम भेजा घूमा दिया था, कटप्पा मन ही मन वो बचपन वाला टीस भी याद रखे था। ऐही से मौका देखा तलवार घोंप दिया।
6. बाहुबली क्रिकेट का प्रेमी तो था ही और कटप्पा सीरियल देखता था, रिमोट के लिए हर क्रिकेट मैच के दिन दूनो में घुसटा घुसटी हो जाता था, एक दिन तो छोटी बहू देखने के लिए कटप्पा बाहुबली पर मुंगेर वाला देशी कट्टा भी तान दिया था, लेकिन भल्लालदेव बीच में हस्तक्षेप कर के झगड़ा छुड़ाया था। ये भी महत्वपूर्ण कारण हो सकता है भाई, हम तो डेली मैच के दिन अभी भी रिमोट के लिए झगड़ लेते है।
7. सबसे महत्वपूर्ण कारण था वेतन और वन रैंक वन पेंशन का (OROP), दरअसल कटप्पा बाहुबली से pay Commission लाने की बार बार सिफारिश करता रहा, लेकिन बाहुबली था कि मानता ही नहीं और तो और एकबार चुनाव प्रचार के दौरान अच्छे दिन लाने का वादा बाहुबली ने किया भी था, लेकिन अच्छे दिन न हुआ विजय माल्या हो गया, वन रैंक वन पेंशन और पे कमीशन के लिए तो केजरीवाल जी भी जाकर अपना समर्थन प्रकट किए थे, डेली सो कर उठते और बाहुबली को सांप्रदायिक होने का आरोप लगाते थे, ये सब समर्थन से कटप्पा दिन पर दिन अकुला के भोंक दिया खंजर।
8. एक बार अपने बिहार के ही तत्कालीन अंग महाजनपद के गोरथारी में बसे वर्तमान बेगूसराय के कंस कुमार (Not कन्हैया कुमार जेएऩयू- आजादी नारा वाले) से कटप्पा की मुलाकात हस्तिनापुर भ्रमण के दौरान हुई, दोनो में पता न क्या बातचीत हुई,
फिर क्या कटप्पा का सवर्ण जाति के बाहुबली द्वारा उत्पीड़न के खिलाफ कथित बुद्धजीवियों द्वारा आर्यावर्त के प्रमुख अखबार में रोज आर्टिकल लिखे जाने लगे,
हस्तिनापुर स्थित जेएनयू विश्ववद्यालय में तो कई बार नारा भी लगने लगा था – “बाहुबली तेरे टुकड़े होंगे इंशा अल्लाह इंशाह अल्लाह”
“हमें चाहिए आजादी, हम क्या मांगे आजादी, बाहुबली से आजादी, महिष्मती से आजादी”, इस प्रकार कटप्पा अब खिसियाने झिझियाने का चरम पर पहुंच चुका था फिर क्या मौका देखा तलवार भोंक दिया महराज.

उपरोक्त कारण हो सकते है कटप्पा के खिसियाने का, खैर असलीवाला कारण तो 28 अप्रैल को थियेटर मे ही पता चलेगा, एतना दिन ठेहुना छिल छिल के इंतजार किए त न, इंतजार करते है 1.5 महीना और सही
— कुमार आनंद 😜😜

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