खुले में शौच करने पर हिरासत में लिया गया

सोमवार को जिलाधिकारी राजीव रोशन के द्वारा गठित विशेष टीम ने खुले में शौच कर रहे हैं लगभग 70 लोगों को हिरासत में लिया उन सभी को संबंधित थाने में ले जाया गया फिर शाम तक सभी को 500रु जुर्माना लेकर एक बॉन्ड के तहत छोड़ दिया गया. शायद बांड में चेतावनी दी गई कि वह आगे से खुले में शौच नहीं करेंगे अन्यथा उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अब यह तो ठीक प्रशासन की बात अब आइए जानते हैं जनता का हाल, शहर के कुछ लोगों से बात करने के बाद हमें ऐसा लगा कि कुछ लोग चाहते हैं कि जो कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए उसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जहां बात जुर्माने की है तो यह वह लोग हैं जो रोजाना कमाते हैं और फिर उसी से अपना गुजर बसर करते हैं ऐसे में उन पर ₹500 का जुर्माना किसी पहाड़ से कम नहीं साबित होता कुल मिलाकर देखा जाए तो खुले में शौच करना कोई नहीं चाहता या उन्हें कोई शौक नहीं है पर प्रशासन की भी अपनी मजबूरी है सीतामढ़ी के जिलाधिकारी को प्रदेश का पहला ओडीएफ घोषित जिला करवाना है. आपको यह जानकारी देना चाहेंगे कि बिहार का सबसे पहला अनुमंडल अपने सीतामढ़ी जिला का बेलसंड अनुमंडल ही घोषित हुआ था उस वक्त यही कयास लगाए जा रहे थे कि हमारा सीतामढ़ी प्रदेश का पहला जिला घोषित हो जाएगा लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि प्रशासन इस हद तक आ जाएंगे कि लोगों से जुर्माने वसूलने लगेंगे.


आपको बता दें कि जुर्माने की शुरुआत सबसे पहले मध्य प्रदेश से हुई थी वहां के स्थानीय प्रशासन ने भी इसी तरह का जुर्माना लगाया था जिसके बाद मीडिया में खबर आई और प्रशासन की काफी आलोचना भी हुई.
आपको यह भी बता दें कि कई जगहों पर कागज पर ओडीएफ घोषित कर दिया गया है पर हकीकत कुछ और है साथ ही आपको यह भी बता दे कि कई जगहों पर कागज पर हो डियर घोषित कर दिया गया है पर हकीकत कुछ और है साथ ही यह भी जाना जरूरी है कि जिन लोगों ने अब तक ODF योजना के अंतर्गत शौचालय बनवा थे उनको इस योजना का लाभ नहीं मिला है प्रशासन का ध्यान इस और उत्कृष्ट नहीं होती है जो काफी दुखनीय है ।

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