घर मे शौचालय : फिर भी हगेंगे खुले में । आखिर क्यों ???

समस्या शौच की नहीं, ‘सोच’ की है ।
सरकार हर घर मे शौचालय दे सकती है, ‘सोच’ नहीं ।

लोगों को मानसिकता बदलने की जरूरत है ।

सीतामढ़ी ‘खुले में शौच मुक्त’ घोषित हो चुका । लेकिन कुछ लोग कमेंट दे रहे कि आइये, मेरे गाँव दिखाते हैं कितने लोग खुले में शौच को जाते हैं ???
उनसे पता कीजिये उनके यहाँ शौचालय बना है या नहीं । बना है, लेकिन आदत नहीं बदल रहा । शौचलय बना भी है, उन्हें भुगतान भी हुआ है । लेकिन वो ‘हगेंगे’ बाहर खेत खलिहान में ही । ऐसे में आप क्या उम्मीद कीजियेगा ।

सरकार पिछले बार कड़ा रुख अपनाया था, अभी भी धर पकड़ जारी है । खुले में शौच करते पकड़े गए कई लोगो को पुलिस पकड़ी, कई लोगों से जुर्माना वसूले गए । लेकिन समस्या का निदान ऐसे नहीं हो सकता । नागरिक की खुद की भी कुछ जबाबदेही है, उसे खुद समझना होगा । सब चीज पुलिस प्रशासन के बूते ही नहीं छोड़ा जा सकता ।

क्या हुआ मधुबनी रेलवे स्टेशन का । सुंदरता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला । अगले ही दिन पान गुटखा से लोगों ने मधुबनी पेंटिंग में ऐसा रंग भरा की मत पूछिए । इसीलिए सबसे खास है हमे, प्रत्येक आम आदमी को खुद की सोच बदलना होगा । तभी हकीकत में सीतामढ़ी खुले में शौच मुक्त हो सकता ।

सीतामढ़ी डीएम, सांसद, जिला परिषद अध्यक्षा द्वारा ऐसे ही सीतामढ़ी को खुले में शौच मुक्त घोषित नहीं कर दिया गया । इसके पीछे ठोस वजह है । पूरी प्रशानिक टीम डीएम डॉ रणजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में लगातार कड़ी मेहनत की है । पंचायत प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, नेता एवम आम लोगों ने भी इसमे बड़ी भूमिका निभाई है । जागरूकता अभियान के तहत मशाल रैली, मैराथन दौड़ आदि आयोजित किया गया । इस जागरूकता अभियान को एक एक व्यक्ति को आत्मसात करने की जरूरत है । पूरे जिला में हर घर मे शौचालय बन चुका है । ग्राउंड लेवल की रिपोर्ट यही है । लेकिन शौचालय निर्माण के बाद भी आप खुले में ही शौच करेंगे तो प्रशासन क्या करेगी । हम आप कोई भी क्या कर सकते । कुछ नहीं ।
सीतामढ़ी के 273 पंचायत के 5 लाख, 11 हज़ार,422 परिवार इस शौचालय निर्माण में कवर किया गया है । 100 घण्टे में 70 हज़ार नये शौचालय बने । शौचालय निर्माण कराने वाले लाभार्थी को डुमरा में आयोजित एक मेगा पेमेंट कैम्प में एक दिन में 1 अरब, 13 करोड़ से ज्यादा की राशि भुगतान की गई ।
जिलाधिकारी महोदय का स्पष्ट कहना है ”अब तक के परिवारों के अनुसार शत प्रतिशत शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन… अब इसके बाद जो भी परिवार अलग होंगे या नए बसावट बसेंगे, वहां भी शौचलय निर्माण चलता रहेगा” ।

यानी खुले में शौच मुक्त घोषित होने के बाद भी शौचालय निर्माण होते रहेंगे । बस आप उस शौचालय का उपयोग करे ।

इसलिए खुले में शौच मुक्त सीतामढ़ी के इस अभियान को गति देने में आप मदद कीजिये । आपकी हमारी सबकी सहभागिता उतनी ही जरूरी है, जितने जिला प्रशासन की ।

आज की रिपोर्ट : सीतामढ़ी ने ठाना है, गन्दगी को जड़ से मिटाना है ।
भोरे भोरे आज चला खुले में शौच के ख़िलाफ़ अभियान ।
डीएम सीतामढ़ी डॉ रणजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में वरीय पदाधिकारी आज सुबह 4 बजे ही ‘मॉर्निंग फॉलो अप’ पर निकले । खुले में शौच करते लोग पकड़े गए ।

लोगों को समझाया बुझाया गया खुले में शौच न करें । आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है । लोगों से बांड भरवा कर चेतावनी देकर छोड़ा गया । सीतामढ़ी खुले में शौच मुक्त हो चुका है । कृप्या खुले में शौच न करे ।

आज सुबह डीएम के नेतृत्व में मॉर्निंग फॉलो अप के दौरान चला औचक निरीक्षण का यह वीडियो देखिये :

डीएम ने बताया : आगे भी यह औचक निरीक्षण जारी रहेगा । खुले में शौच करने पर आप पर कानूनी कारवाई हो सकती । लोगों को मानसिकता बदलने की जरूरत है । खुले में शौच करना कई बीमारियों का जड़ है । सीतामढ़ी को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाना है । शौचालय बन गए है,फिर भी लोग उसका उपयोग नही करके लोटा लेकर चल देते है,उसी तरह झोला एवम अन्य विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद भी जब तक हम अपने सोच एवम आदत को नही बदलेंगे तब तक इस तरह के खुले में शौच मुक्त अभियान हो या प्लास्टिक पॉलीथिन मुक्त सीतामढ़ी अभियान को बल नही मिल सकता है ।

#ODF #Sitamarhi

आर्टिकल : ( रंजीत पूर्बे )

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