तुम करो आंतकी हमला, हम करेंगे कड़ी निंदा और निंदास्त्र का प्रयोग – आनंद

 

सावन का पहला सोमवार, देश के शिवालयों में शिवभक्तों की भीड़, बाबा अमरनाथ के दर्शन करने गए श्रद्धालुओं पर आतंकी हमला, 7 लोगों की मृत्यु हो गई, बस ड्राईवर सलीम के जज्बे को सलाम जिसने गोलियों की बौछार के बीच काफी दूरी तक लेटकर बस चलाते हुए बस को रोका नहीं, नहीं तो ये आंकड़े बढ़ भी सकते थे, मरने वालों की कोई जाति नहीं, गोली जब निकली तो यह पूछ कर नही लगी की तुम में से राजपूत कौन है बे, भूमिहार कौन है बे, ब्राह्मण कौन है, OBC कौन है, दलित कौन है, मरने वाले वो लोग थे, जिन्हें ये नहीं मतलब की कश्मीर में 70 साल से क्या चल रहा है, देश और कश्मीर में  किसकी सरकार चल रही है, उन निर्दोष लोगों को  इनसे क्या मतलब वो तो बाबा बर्फानी के दर्शन करने गए थे, वोे तो शिव भक्त है, देश के कोने-कोने से दुर्गम पहाड़ियों के बीच बाबा अमरनाथ को देखने जाते है, हमारे जवानों का सहयोग भी मिलता है।

 देखा जाए तो सबसे बेमेल गठबंधन है बीजेपी और पीडीपी का, एक है कथित नेशनलिस्ट तो दूजा घोषित टेररिस्ट, अलगाववाद समर्थक, दक्षिण कश्मीर में जहां पीडीपी का गढ़ है वहां पर आतंकी सबसे ज्यादा एक्टिव होते है, चुनाव से पहले खुब कुत्ता-बिलाई, सियार-गीदड़ के जैसे आरोप प्रत्यारोप चला लेकिन सत्ता में आने के लिए बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन कर लिया, खैर,  पोलिटिशियन्स के सुतियापे के चक्कर में मुझे नहीं पड़ना, अपन स्टूडेंट है, इनका बस चले तो सत्ता की खातिर बगदादी से भी गठबंधन कर ले, जब से सत्ता में पीडीपी आई है, स्थानीय आतंकियों के हौसले बुलंद है, Intelligence के अनुसार कश्मीर में केवल स्थानीय आतंकी ही नहीं होते, इंपोर्टेड आतंकी भी आते है, पाकिस्तान तो छोड़ो, ईरान, ईराक, सूडान अफ्रीका कंटीनेंट से यहां जिहाद के लिए आते हैं, इनको यहां पोषा-पाला जाता है, विपक्ष में महबूबा मुफ्ती जी पोषती थी तो अब अब्दुला & company का समर्थन होता है।

 खैर, उक्त हमले कि पीएम मोदी, निंदानाथ सिंह एवं सोनिया गांधी जी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है, 

ॐ शान्ति ॐ शान्ति ॐ शान्ति,  ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शान्ति प्रदान करें कुछ कायरों ने मिलकर फिर एक घटना को अंजाम दिया है फिर कड़ी निंदा होगी सभी पार्टियों की तरफ से… जांच की बातें होंगी और फिर परसों तक सब भूल जायेगें, मीडिया भी अभी छाती फाड़-फाड़ के चिचिया रहा है लेकिन परसो तक सब भूल जाएंगे, न्यूज में नई खबर आएगी, ये देखिए अमिताभ की नतिनी नव्या बिकिनी पहने हुए कितनी हॉट लग रही है, शाहरूख की बेटी सुहाना अपने नए ब्यायफ्रेंड के साथ दिखी है, फिर तरसो टेरर अटैक होगा, जवान शहीद होंगे, स्थितियां जस की तस रह जाएंगी,  फिर कड़ी निंदा होगी, 

कड़ी निंदा आजकल फेमस शब्द है,

दरअसल में हमारी सरकार ने आतंकी हमलों का बदला लेने के लिए स्थायी समाधान खोज निकाला है, और तुरंत निंदास्त्र का प्रयोग किया है. ये परमाणु हमले से भी घातक है, आप शायद इस विध्वंसक हथियार से परिचित नहीं होंगे, आईए बताते है,

निंदास्त्र क्या है – ये वहीं अस्त्र है

जिसका प्रयोग द्वापर युग में सर्वशक्तिमान भीष्म पितामह भरे सभा में द्रौपदी के चीर हरण होते समय जमीन में मूड़ी गोंत के कर रहे थे, ये वहीं अस्त्र है  जिसका प्रयोग लार्ड माउंटबेटन की द्विराष्ट्र की देश को बांटने वाली थियोरी का झुठो मूठो के प्रतिरोध करने के लिए नेहरू जी किया करते थे, अब हमारे तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी उर्फ निंदानाथ सिंह के नाम से प्रसिद्ध,  ने इसी पौराणिक परंपरा को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है, इन्होंने निंदा के कई प्रकारों और उसके समायानुकूल प्रयोग का सृजन किया है, जिसका प्रयोग वो निरंतर आतंकी या फिर नक्सली अटैक होने पर करते है,

निम्नवत है –

निंदा, कड़ी निंदा, सौम्य निंदा, त्वरित निंदा, विकराल निंदा, खेद निंदा,  मुखर निंदा और बाबा मनमोहन वाले मौन निंदा etc.

अमरनाथ के श्रद्धालुओं पर अटैक होते हीं निंदानाथ सिंह ने निंदा और पी.एम मोदी जी ने भर्त्सना, शहादत बेकार नहीं जाएंगी जैसे घातक शाब्दिक हथियारों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है,

इनमें हमारे गृहमंत्री का हथियार सबसे प्रभावी है,  कड़ी निंदा जैसे इस हथियार के कई प्रभाव अचानक से होने लगता है, इससे रंगहीन एवं गंधहीन गैस निकलती है और ड्रैगन चीन के नकली सामानों की तरह देश के हर कोनें में पसरती है, कड़ी निंदा का उपयोग होते हीं लश्कर-ए-तयैबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी उजबुजा के ओरहना-ओरहना के गिर रहे हैं,  आतंकी कमांडर सलाहुद्दीन ने तो बाबा निंदानाथ से करबद्ध प्रार्थना करते हुए अब कड़ी निंदा नहीं करने की मांग की है, और उसने ये भी बोला है कि अब एक बार भी अब कड़ी निंदा बोले तो हम सल्फास चाट के जान दे देंगे, लगभग 100 आतंकियों के मारे जाने और 250-300 के इस निंदास्त्र से घायल होने की खबर बतायी जा रही है. नक्सलियों में भी खौफ का माहौल है, कश्मीर में 300 रूपए रोज पर जवानों पर पत्थर चला रहे निठल्ले लौंडो को तो कल शाम से ही दस्त हुआ जा रहा है, जिसके बाद मुंह में कपड़ा लपेट कर कश्मीर की लड़कियां भी पत्थर फेंक रही है, ताकि निंदास्त्र का असर कम हो, बोर्डर पार आतंकवादी हाफिज सईद को भी इस कड़ी निंदा से दस्त, बवासीर, भगंदर सभी होने की संभावनाएं  ‘छी न्यूज’ द्वारा बतायी जा रही है.

देश के कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं एवं प्रमुख राजनेताओं ने तुरंत निंदानाथ सिंह एवं मोदीजी से ये बयान वापस लेने की मांग की है,

प्रशांत भूषण ने तो यहां तक कहा है कि – ये मानवाधिकार का हनन है, उन्होंने तो इसे यूएन तक घसीटने की बात की है. उन्होंने कहा है कि ये एक केमिकल अटैक की तरह है, यू.एन. संज्ञान ले और पर्यवेक्षक दल भेजे.

खाजम खान का कहना है कि जल्द से जल्द निंदास्त्र का इस्तेमाल बंद नहीं किया जाता है तो हम शीघ्र ही संयुक्त राष्ट्र को एक लेटर लिखेंगे।

लालू जी ने कहा है कि – देखो ई  ठीक बात नय है, हमरा घरे सी.बी.आई. भेजता है और हमरा से आईडिया लेबे नहीं करता है, मारो आतंकवादियन को लेकिन ऐतना खतरनाक  हथियार निंदास्त्र का परियोग ठीक नही है.

मायावती जी ने पर्ची देखकर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा है – ये सरकार मनुवादी मानसिकता से ग्रसित है.

दिल्ली को छोड़कर और सभी राज्यों में मुख्य मंत्री बनने का सपना देखने वाले केजरीवाल सर ने कहा है – ये तो मोदी जी की मुझे मरवाने की साजिश है जी और हां EVMs से भी छेड़छाड़ किया जा रहा है, मोदी जी इस्तीफा दे.

निंदानाथ सिंह एवं मोदी जी की इस उपलब्धि पर अमित शाह ने खुश होकर आधा दर्जन बूंदिया के लड्डू भी लल्लन हलवाई के बेटे रामलाल के हाथ भेजवाया है, दरअसल हमारे डायनेमिक पी.एम. ने विपक्ष मे रहते वक्त अपने चुनावी भाषण मे जोरदार  आतंकियों की ईंट से ईंट, पत्थर, लोहा, टीन सब बजाकर छलनी करने की बात कही थी, कहा था कि अगर हम प्रधानमंत्री बनते है तो गर्दा उड़ा देंगे और आज यह सफल होता दिख रहा है, हमारे निंदास्त्र के प्रणेता निंदानाथ सिंह और डायनेमिक प्रधानमंत्री की बदौलत ही संभव हो पाया है, और तो और पिछले 6 वर्षों से सीरिया में जारी गृहयुद्ध पर सभी सुपरपावर्स ने भी निंदानाथ सिंह के इस अदृश्य हथियार को एडाप्ट करने की इच्छा जताई है. सीरियन राष्ट्रपति बसर अल असद ने तो अब अपने नागरिकों पर केमिकल वीपंस के बदले निंदास्त्र चलवाना सोच रही है, ताकि यू.एन. और यू.एस. को मूर्ख बनाया जा सके, डोनाल्ड ट्रंप ने तो इस अस्त्र पर रिसर्च करने का आर्डर भी दे दिया है. पुतिन का कहना है कि हम निंदानाथ जी से बहुत इंसपायर्ड है.

निंदानाथ बाबा से प्रभावित होकर मैंने भी आज पेपर टाईम से न आने और आधा किलो भिंडी के साथ धनिया पत्ता और मिर्च न देने पर मैंने सब्जीवाले चचा की कड़ी निंदा की है। और हां मैंने आज अपना नाम भी आनंद कड़ी निंदा रख लिया है।

– आनंद कड़ी निंदा

डिसक्लेमरः उपरोक्त व्यंग्य है, किसी को आहत करना मेरा मकसद नहीं है, आहत अगर होते हैं तो चादर तान के और मूरी गोंत के सो जाईए, शुभ रात्रि। जय हो।

 

 

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