नरेंद्र मोदी के दो साल और सीतामढ़ी।

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नरेंद्र मोदी, सीतामढ़ी की एक सभा में।

“इंतज़ार का भी ग़ालिब अपना मज़ा होता है,शर्त इतनी है की ये जिंदगी से न लंबी हो।”

जगत जननी माँ जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी, वर्षों से अपेक्षित जिला रहा है। सीतामढ़ी के लोग टुकटुकी लगाये वर्षों से आश लगाये बैठे हैं की इस गरीबी के काले बादल के बिच चांदी की लकीर कब नज़र आएगी।

आज नरेंद्र मोदी जी की सरकार अपने 2 वर्ष पूरे कर रही है, सुबह सुबह सभी अख़बारों पर नज़र डाला तो हर जगह से नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रालय के प्रति पहले से बेहतर इज्जत ही देखने को मिली। व्यक्तिगत तौर पर मुझे भी महसूस होता है की पिछले 2 साल में अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत की छवि मजबूत हुयी है। शासन प्रणाली भी देखा जाए तो पहले से बेहतर स्तिथि में है। 2 साल में हालाँकि किसी बड़े घोटाले का नाम ना आने से मीडिया में बेचैनी जरूर है। खैर अपने इस विश्लेषण को मैं इसके आगे सिर्फ और सिर्फ सीतामढ़ी पर केंद्रित करना चाहूँगा।

सीतामढ़ी ने एक अनजाने से मासूम चेहरे को मोदी लहर में लोकसभा पहुँचाया, श्री राम कुमार शर्मा जी रिकॉर्ड मतों से विजयी हुए, वे नवनिर्मित राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की टिकट से लोकसभा पहुंचे।

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राम कुमार शर्मा, सीतामढ़ी सांसद।

चलिए अब एक एक कर इनके पिछले 2 साल के कार्यों का आंकलन करते हैं।

1. सांसद आदर्श ग्राम योजना – बरियारपुर को सांसद महोदय ने आदर्श ग्राम के रूप में चुना। जमीनी स्थिति यह है की मुझे बरियारपुर में एक भी व्यक्ति ऐसे नही मिले जिन्हें आदर्श ग्राम योजना आने से उनके गाँव में कोई परिवर्तन दिखा हो। लोगों के विचार प्रतिकूल थे मगर उम्मीदें अभी भी हैं, की कोई घटा बरसेगी और बिजली के तलवार की जगह पानी के बाण नज़र आएँगे।

2. सांसद मद- प्रत्येक वर्ष सांसद 5करोड़ रुपये के कार्य की अनुशंसा कर सकता है, जिसमे मुख्यतः उसके स्वेच्छा से जुडी चीज़ें होती है। जैसे वह एम्बुलेंस दे सकता है, किसी विद्यालय में सामग्री वितरण कर सकता है, किसी राहत कोष में दान कर सकता है इत्यादि, इसमें अनुशंषा सांसद का कार्य है और उसका कार्यान्वय जिला प्रशाशन के अधीन होता है।

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सांसद निधि का विवरण।

हमारे सांसद महोदय ने वर्ष 2014 से अब तक 15 करोड़ रुपये के हक़दार हैं, भारत सरकार ने इन्हें 5करोड़ रुपये आवंटित किये हैं, ब्याज के साथ जो 5.32करोड़ हो चूका है, उसको पिछले 2 वर्षों में सांसद महोदय ने सिर्फ 79लाख के काम की अनुशंषा की। पैसे ख़ज़ाने में मुनाफे कमा रही है और सीतामढ़ी के लोग इसकी मार झेल रहे हैं।

अब हम आपको ये बताते चलें की सीतामढ़ी किन कार्यों से वंचित रह गयी। नीचे दी गयी तस्वीरों में उन कार्यों का उल्लेख है जो सांसद निधि से अनुशंसित कर सकते हैं।

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सीतामढ़ी की जनता इस 29 भिन्न किस्म के कार्यों से वंचित रह गयी। अब हम आपको वो सूची भी दिखाते हैं जिसमे वर्जित कार्यों का उल्लेख है।

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महज 2 साल हुए हैं। मैं समझ सकता हूँ की पहली बार सांसद बन्ने के बाद समझने में थोडा समय लगता है मगर ये इंतज़ार जिंदगी से बड़ी न हो जाए इस बात का दर है।

कुल मूल्याङ्कन किया जाए तो नरेंद्र मोदी को जहाँ मैं 9/10 दूंगा , वहीं राम कुमार शर्मा को 0/10.

शेष जनता जनार्दन के हाथ में फैसला है।

धन्यवाद।

 

 

 

 

 

3 thoughts on “नरेंद्र मोदी के दो साल और सीतामढ़ी।

  1. sir apna sitamarhi vikas ki daur me kafi piche rah gaya hai par hum kar bhi kya skte hai paisa aur power to galat hatho me hai . pata nhi sir hamare sitamarhi ki taswir kab badlege.aur mai kya bolu agar boloonga to ekhatam ho jaeng par problems kam nhi honge

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