नैंसी हत्याकांड, मधुबनी

वैसे तो ये खबर मधुबनी ज़िला की है लेकिन सीतामढ़ी वासी को भी जानना जरूरी है ।

मधुबनी बिहार का एक शहर है. छोटा नहीं, मगर बड़ा भी नहीं. बस उतना ही बड़ा है कि कुछ सुंदर चित्रकारियों और अपनी लड़कियों से सपनों को पाल सके. नैंसी जैसी लड़कियों के सपने, उसकी बुआ जैसी लड़कियों के सपने।

जिन दो लड़कों ने नैंसी को मारा, उनको गिरफ्तार किया गया है. नैंसी की बुआ की शादी होने वाली थी. ये लड़के नहीं चाहते थे कि शादी हो. इसलिए शादी के ठीक एक दिन पहले, जब नैंसी महंदी की रस्म के लिए स्कूल ने घर ई ओर लौट रही थी, दो लड़के बाइक पर आए और नैंसी को उठा ले गए. 25 मई के दिन नैंसी का अपहरण हुआ था.

नैंसी के पिता ने FIR दर्ज करवाई मगर पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया. शायद वो किसी नेता या स्टार की बेटी नहीं थी, उसके पिता के पास किसी अधिकारी या नेता का नंबर नहीं था, इसलिए उसकी जान की कीमत कम थी. बच्चियों का अपहरण होना, उनके साथ अखबारी भाषा में ‘दुष्कर्म’ होना इतना आम है, कि अखबारों में 29 तारीख के पहले खबर नहीं दिखी. कम से कम देश के बड़े हिंदी अखबारों में तो नहीं दिखी. कुल चार दिन बाद एक छोटे से कॉलम में नैंसी को जगह मिली, जिसमें बताया गया था कि बच्ची की मौत से घर में मातम छाया हुआ है.

नीतीश कुमार, कहां है आपके बिहार का वो स्वरुप जिसकी कल्पना कर वहां की जनता ने आपको राज्य के सबे बड़े पद पर बैठाया था?

हम माफी मांगते हैं कि इस खबर को देरी से प्रकाशित कर रहे है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *