मेरी दिल्ली डायरी ( बाहुबली 2) – आनंद

मेरी दिल्ली डायरी (बाहुबली 2)

कहते है कि इंडिया मे क्रिकेट धर्म है और movie पुजारी और हम ठहरे दूनो के श्रद्धालु, जबरा समन्वय है सनिमा और क्रिकेट में, एक तो पिछले दू साल से हर सिनेमा प्रेमी के मन में एके question था कि कटप्पा क्यू मारा बाहुबली को ?

परसो राकेश भैया मुखर्जी नगर वाले फोन किए कि कहां हो ? बाहुबली 2 देखने नहीं चलोगे,

राकेश भैया अपने मधुबनी के है, वो कहते है कि, बेटा गहिरा मे कूदा दो लेकिन किसी को UPSC की तैयारी करने का सजेशन मत दो, हम तो उ आदमी को डंडा लेकर खोज रहे है जो हमरा पापा को सुझाव दिया कि बेटा से UPSC तैयारी करवाईऐ, 4 अटेंप्ट दे चुके है 3 बार मेंस तक पहुंचे है, इनके मन में हमेशा टीस रहती है कि गांव से झोरिया बोरिया लेके आऐ थे तो पूरा सर पर बाल था, पिछले 6 साल मे सारा बाल आम के मजर के जैसे झहर गया है, गिन के 384-387 गो बाल इनके सर पर है, आगे वाला front पर के दूनो दांत के बीच में जोजिला दर्रा जितना गैप है, केतना पतंजलि के तेल और दंतघिसा बर्श मे हरियरका पियरका केश के जड़ मजबूत करने वाला तेल लगा के माथा मे रगड़ लिए, लेकिन सर पर बाल बढिए न रहा है, बाल न हुआ india के growth rate हो गया, 8 पारे न कर रहा. इनको प्यार से हम बुढउ भी बोलते है.

 

खैर, इनकर अब विवाह तय हो गया है पायल जी से,  स्कूल मे टीचर है, दिसम्बर मे विवाह तय हुआ है,

 

फोनवा पर आते है,  हम बोले बुढउ आप कब से सिनेमा देखने लगे, आप तो गाना भी केवल जगजीत सिंह का सुनते है, राकेश भिया बोले कि अबे पायल के ब्रजेशवर मिश्रा चचा और हमरे शुक्ला चचा आऐ है 3 तारीख को AIIMS मे लीवर देखवाना है, Dr. time दिया है,

पायल बोली है इन्हें घुमा दीजिएगा दिल्ली,

हम बोले ठीक है चलते है 28 तारीख़ को शाम वाला शो मे,  online ticket book करने के Book my show website पर पहुंचे, Bahubali 2 टिकट दर देखते हमार करेजा जनरेटर हो गया, बुढउ को बोले टिकट का दाम देखे है,  साला EMI पर लग रहा टिकट लेना पड़ेगा, बुढउ बोले टेंसन मत लो अभी Paytm करते है, हम बोले वाह बुढउ, गोलगप्पा के पैसा देबे मे बहाना बनाते हो और ससुराल वाले पे impression बनाने के लिए  2000 वाह, हंसते हंसते फोन काट दिया. पास मे है RK puram PVR Sangam book किए, 6:10 बजे से शो है शुक्ला चचा  4 बजे से नएका क्रीच वाला पैजामा चढाए है, और बेचैन है, हुलबुली मे चाय गिरा लिए है, हम 5:45 मे office से निकल एकदमे हड़बड़ाएले  PVR पहुंचे है, ब्रजेश्वर चचा रजनीगंधा फाड़ के कल्ला मे दाबे है,और थियेटर मे खाने के लिए मोड़ के रख लिए है, राकेश भैया तो एकदम शांतचित्त, सहठूल, पुरुषोत्तम, व्यक्तित्व शुक्ला चचा के सामने प्रदर्शित कर रहे है ताकि impression तनिको डोले न, यहीं होता है विवाह से पहिले तनिक भी दाब उलार न देखाना चाहते है,

entry का समय आया है, PVR का टैग लगाए guard चेक कर रहा है हम और राकेश जी तो घुस गए, चेकिंग मे शुक्ला चचा धरा गए है, खैनी का चुनौटी, दूसरा जेब से कसैली फोरने वाला शरौता निकला है, गार्ड बोला है डस्टबिन में फेंकिए, चचा पिनपिना गए, हम काहे फेके, 3 घंटा तुम्हरा हॅाल मे बिना खैनी के रहेंगे, तुमको का लग रहा है हम पहीला बेर आए है फिलिम देखने, 4था किलास मे थे तो चांदनी फिल्म देखने आधा किलो मसुरी के दाल बेच के देखे थे,  करियका ड्रेस पहिन लिए हो तो रंगदारी कर रहे हो, हमरो भगिना ऐगो दरोगा है बरौनी में, कहां है तुम्हारा officer उसको बुलाओ, शुक्ला चचा के वीरता और बकलोली देख के हंसी और गुस्सा दोनो आ रहा था, गार्ड भी गुस्सा गया, जबरदस्ती फेंकवाया है, ब्रजेश्वर मिश्रा के जेब से भी  8-10 गो रजनीगंधा निकला है, सब फेंकवाया है, तगड़ा घाटा लगा, मुंह तो जुल्फिकार अली भूट्टो जईसे कर लिए है,

N 7,8,9,10 सीट पर बैठते वक़्त शुक्लाजी का मुंह धुआँ गया है, First impression इनकर खराब गया, खैनी है नहीं, फिल्म शुरु होने से पहिले National anthem तिरंगा लहराते हुए बजा है, हम 42″ के छाती चौड़ाकर के गर्व वाला फिलिंग ले रहे है, फिर शुरु होता है director S.S. राजामौली का खेला,

एक तो पिछले 2 साल से ऐतना क्रेज  था रिलीज होते पहिले दिन 106 cr कमाया है, सारा record धवस्त, बेहतरीन मूवी है, War सीन्स जबरदस्त, Hollywood से किसी मायने में कम नहीं, visual effects शानदार, एक योद्धा के रुप में प्रभास खूब जंचता है, सबसे पहिले कहानी कहने की शानदार कला director के पास है, थोड़ी देर मे ही आप खुद को महिष्मती साम्राज्य के नागरिक के रुप में सोचने लग सकते हो, मुझे सबसे बेहतरीन ये लगा की ये Indian culture, हमारे इतिहास को जबर तरीके से world के कोने-कोने तक पहुंचाऐगा,

ई फालतू बालिवुडिया टिपिकल लवस्टोरी, फ्लाना ढिकाना, देख देख के बउरा गए है, interval हुआ है राकेश भैया मकई के लावा चार गो बाल्टी साईज के गिलास में ले आए है 300 का दिया है, साला रोटी तरकारी बना के ले आए रहते इससे बढिया, शुक्ला चचा बिना खैनी के ऐसे आवाक हो गए है जैसे मनमोहन सिंह, बोल रहे है कि ई तो महाभारत जईसन लड़ाई हो रहा है, लेकिन एको गो भोजपुरी टाईप गाना न हुआ, उनके पड़ोस मे प्रेमी युगल बैठे हुआ है, खुसुर फुसुर मे कोई कमी नहीं, पास मे बेबी, जानू, सोना, भिन्न-भिन्न उपनामों से बुलाकर खुसफुसाकर हमार कंसंनट्रेशन भंग कर रहा था, भाई democracy है लेकिन दूसरे को तो परेशान मत करो, मन कर रहा था कटप्पा वाला तलवार गर्दन पर भिराते और बोलते की अब ऐको शब्द भी बतियाया तो प्रहार कर देंगे,

PVR में भी सीटियां सुनने को मिल रही है, कम ही ऐसा होता है लेकिन 2D मे 3D का मजा, तब अपने सीतामढी जैसे single screen theatre मे तो 10 दिन तक हाउसफूल ही रहेगा,

Bahubali the beginning वसुश्री सीतामढ़ी मे 60 रुपया मे DC में बैठ के राजत्व वाला फीलिंग लेते हुए देखे थे, इहां 400 के टिकस मे भी उ वाला  फीलिंग न आ रहा, टिकट खरीदते वक़्त धक्कापेल भीड़ मे खिड़की से हाथ निकालते वक़्त दाएं हाथ की अनामिका उंगलि छिछोरा गया था, खटमल सीट से निकल के काटा था, देखिए खटमल काटने के पीछे hall वाले का motive छिपा हुआ है,  खटमल तो hall administrator द्वारा डाला गया होता है ताकि आप करण जौहर type director की बकवास सिनेमा देख के सो न जाओ, ई फूल AC में single screen theatre वाला पसीना भी मिस किए वो कान के बगल से निकलकर गर्दन के ढाल से उतरकर गंजी तक पहुंच कर पसीना का विलीन हो जाना, इंटरवल मे बाहर निकल के 10₹ के झाल मूड़ी, लिटी चोखा खाना, पड़ोस मे बैठे चचा द्वारा रजनीगंधा, शिखर खाकर के थूक थूक के जमीन लाल कर दिया जाना और फिर शौचालय मे बिना पानी डाले 200-250 लोगों द्वारा पेशाब कर के आना, और फिल्म खत्म होते वक़्त रास्ते पर लड़कों द्वारा कहानी बतियाते जाना, इहां तो सब शोकाकुल निकल रहा है, हम भी निकले है लेकिन मूवी लाजवाब, आधा पैसा तो War scenes और लोकेशंस पर ही वसूल हो गया था, #S.S.Rajamouli sir को शुभकामना 1000 cr box office तक कमाई करने के लिए, I Think पूरे World में  Bahubali की धमक जरुर सुनाई देगी.

जय हो.

 

— आनंद

Add a Comment

Connect with us on: