रिश्ते

 

कुछ टूटे तो उसे सजाना सीखो,

कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो,

रिश्ते तो मिलते हैं नसीब से,

बस उसे खूबसूरती से निभाना सिखों ।।”

अच्छा दिल और अच्छा स्वभाव,

दोनों आवश्यक है,

अच्छे दिल से कई रिश्ते बनेंगे

और अच्छे स्वभाव से

वो जीवन भर टिकेंगे ।।

 
रिश्ते कभी जिंदगी के

साथ साथ नही चलते है,

रिश्ते एकबार बनते है

फिर जिंदगी रिश्ते के साथ साथ चलती है ।।

 
अजीब पहेली है

कहीं रिश्तों के

नाम ही नहीं होते,

और कहीं पर सिर्फ

नाम के ही रिश्ते होते हैं ।।

 
रिश्ते कभी अपने आप नहीं टूटते,

अहंकार,अज्ञान और रवैये

उन्हें तोड़ देते हैं ।।

 
‘मतलब’ का वजन

बहुत ज्यादा होता है,

तभी तो मतलब निकल जाते ही,

रिश्ते हल्के हो जाते हैं ।।

 
अहंकार दिखा कर

किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि,

माफ़ी मांगकर

वो रिश्ता निभाया जाये ।।

 
नाराजगियों को कुछ देर चुप रहकर

मिटा लिया करो,

गलतियों पर बात करने से

रिश्ते उलझ जाते हैं ।।

 
जन्म जन्मान्तर के

टूटे रिश्ते भी जुड़ जाते हैं,

बस सामने वाले को आपसे

कोई काम होना चाहिए ।।

 
रिश्ते एहसास के होते हैं,

अगर एहसास होते हैं तो

अजनबी भी अपने होते हैं ।।

 
पत्तों सी होती है

कई रिश्तों की उम्र,

आज हरे,कल सूखे,

क्यों न हम पेड़ों से सीखें

रिश्ते निभाना ।।

 
कुछ शिकायत जरूरी है

रिश्ते में ठहराव के लिए,

बहुत चाशनी में डूबे रिश्ते भी

कभी कभी ‘वफादार’ नहीं होते ।।

 
ये रिश्ते भी अजीब होते हैं

बिना विश्वास के शुरू नहीं होते,

और बिना धोखा के खत्म नहीं होते ।।

 

जहाँ हर बार अपनी बातों पर

सफाई देनी पर जाये,

वो रिश्ते कभी गहरे नहीं होते ।।

 

मुफ्त में सिर्फ माँ बाप का प्यार मिलता है,

इसके बाद दुनिया के

हर रिश्ते के लिए

कुछ न कुछ चुकाना पड़ता है ।।

 
कुछ टूटे तो उसे सजाना सीखो,

कोई रूठे तो उसे मनाना सीखो,

रिश्ते तो मिलते हैं नसीब से,

बस उसे खूबसूरती से निभाना सिखों ।।

 

@ रंजीत पूर्बे

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