सीतामढ़ी – पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस

                            स्टेशन परिसर

देश की सबसे लंबी सड़क शाह रेल पुल यानी कि दीघा – पहलेजा रेल सह सड़क पुल बने वर्षा हो गए. दो फरवरी 2016 को पुल का उद्घाटन किया गया था उस समय लोगों में काफी उत्सुकता थी कि जल्द ही इस रूट से परिचालन शुरू हो जाएगा. लगभग 19 साल लग गए थे इस पुल को बनकर तैयार होने में ।


आज सीतामढ़ी से लेकर पटना तक की जो इंटरसिटी एक्सप्रेस की बात हुई थी उसका प्रस्ताव महीनों पहले रेलवे मंत्रालय में भेज दिया गया था पर मंत्रालय की ओर से इस बात की कोई जानकारी नहीं दी गई कि यह कब से अधिकारिक तौर पर शुरू हो जाएगा । अभी तक तो इस ट्रेन के बारे में सीतामढ़ी में कोई अस्तित्व सामने नहीं आया है कि कितने दिनों में परिचालन शुरू हो जाएगा ।
समस्तीपुर रेल प्रमंडल ने तो नौ स्टेशनों को यूनिक स्टेशन बनाने की बात की अच्छी बात है पर पटना से जो अभी सीधी ट्रेन की सीतामढ़ी वालों को जरूरत है उसको जरा ऊपर रखना चाहिए था, हालांकि सीतामढ़ी के पूर्व सांसद ने काफी मशक्कत की है उसको लेकर लेकिन जमीन पर अभी कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है जैसा कि हम आपको बताना चाहेंगे पुल पुल के बनने से सीतामढ़ी वालों को बहुत खुशी हुई थी कि सीतामढ़ी से पटना का आरोप बहुत ही आसान हो जाएगा सुगम मार्ग हो जाएगा लेकिन जो केंद्र सरकार की उदासीनता है सीतामढ़ी के लिए वह यहां पर साफ तौर पर देखने को मिलती है ।
ऐसा क्यों होता है कि रेल मंत्री जिस राज्य का होता है वह उस राज्य के प्रति ज्यादा ध्यान देता है यह देखने को आप से नहीं बहुत पहले की दशकों में भी अगर आप देखें तो आपको यह आसानी से देखने को मिलेगा कि जिस राज्य के रेल मंत्री केंद्र में रहे हैं उस राज्य में रेलवे का विकास काफी तेजी से हुआ और बाकी राज्य में रेल का विकास सामान्य गति या धीमी गति से आप बोल सकते हैं ।
हम आशा करते हैं कि सीतामढ़ी से पटना के लिए ट्रेन की सेवा जल्दी उपलब्ध होगी जिसके लिए मैं केंद्र सरकार का धन्यवाद भी कहूंगा लेकिन परिचालन शुरू होने के बाद ।
Report:- Rahul Kumar Lath

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