सीतामढ़ी की बेटी ‘मशरूम गर्ल’ अनुपम कुमारी शामिल हुई देश की सर्वश्रेष्ठ किसानों में ।

सीतामढ़ी की बेटी अनुपम कुमारी बन गयी ‘मशरूम गर्ल’ । खेती से मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान । समूह बनाकर महिलाओं को मशरूम की खेती और केंचुआ/वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की सीखा रही गुर । ‘अभिनव किसान’ तथा अन्य पुरस्कारों से सम्मानित अनुपम अब चुनी गई है देश के सर्वश्रेष्ठ किसानों में से एक ।।

सीतामढ़ी जिला के चरौत प्रखंड के बररी बिहटा गाँव के साधारण किसान परिवार में 15 जनवरी 1993 को जन्मी अनुपम कुमारी बचपन से ही मेधावी तथा कुछ अलग करने की सोच रखी थी । उनकी माता का नाम विभा देवी और पिता का नाम उदय नारायण चौधरी है । चुकी पिता किसान थे, इसीलिए अनुपम को भी खेत ख़ालिहान के बारीकियों को करीब से समझने का मौका मिला । महत्वाकांक्षी तो थी ही , अलग करने की भी सोच रखी थी । इसी जुनून के कारण अनुपम कुमारी ने बाकियों से अलग खुद की एक पहचान स्थापित की । गांव के विद्यालय से उसने 10 वीं और 12वीं की परीक्षा पास की । फिर मिथिला यूनिवर्सिटी से स्नातक पास की ।

कुछ अलग करने की चाहत ने अनुपम को ‘कृषि विज्ञान केंद्र’ पहुँचा दिया । वहाँ अनुपम ने मशरूम उत्पादन और केंचुआ खाद उत्पादन विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त की । सीतामढ़ी, पटना, दिल्ली के विभिन्न शोध संस्थानों और कृषि केंद्रों से उसने कृषि की कई बारीकियां सीखी । उसके बाद अनुपम अपने गांव मे ही मशरूम उत्पादन शुरू की । उनसे आसपास की महिलाएं जुड़ने लगी । उसकी मेहनत रंग लाई । अब गाँव से निकल कर दूसरे प्रखंडों की महिलाओं को भी अनुपम मशरूम खेती की गुर सिखाने लगी । आज विभिन्न गाँव की 200 महिलाएं मशरूम उत्पादन कर रही । इसके अलावे वह गांव गांव में केंचुआ खाद उत्पादन (वर्मी कमोस्ट) की जानकारी भी कृषकों को दे रही । इसके अलावे अनुपम अब मछली पालन और बागवानी भी करती है ।

शुरुआत में उन्हें भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, लेकिन कहते हैं प्रतिभा किसी बन्धन का मोहताज नहीं होती । धीरे धीरे महिलाएं उनसे जुड़ती चली गयी : कारवां बनता चला गया । अनुपम कहती है : जब सभी क्षेत्र में आज महिलाएं, बेटियाँ सफल हो रही तो फिर कृषि क्षेत्र में क्यों नहीं ??? बहुत खुशी होती इन महिलाओं को देख कर, जो अब आत्मनिर्भर बनकर खुद की जरूरतें खुद से पूरा कर पा रही । वास्तव में अनुपम ने आसपास की महिलाओं में स्वावलम्बी बनने का जो जुनून पैदा की, वह काबिल-ए-तारीफ है । उसने महिलाओं के हाथ मे चूड़ियों की जगह कुदाल थमा दी । अब महिलाएं भी कृषि जैसे क्षेत्र में पुरुष के कंधा से कंधा मिलाकर काम कर रही । क्षेत्र की सैकड़ो महिलाओं के लिए प्रेरणा का काम किया है अनुपम ने । महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल पेश की अनुपम ने । अनुपम कुमारी कहती है बलहा मधुसूदन कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ रामेश्वर प्रसाद और डॉ किंकिर कुमार का उन्हें काफी सहयोग मिलता रहा ।

कृषि क्षेत्र में अनुपम कुमारी की सफलता से केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह भी प्रभावित हुए । पटना में आयोजित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की बैठक में माननीय मंत्री द्वारा अनुपम के कृषिक उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया गया । इससे पूर्व समस्तीपुर के पूसा स्थित प्रसिद्ध डॉ राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति के हाथों ‘अभिनव किसान’ जैसे पुरस्कार से सम्मानित हुई । आपको बता दूं केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रत्येक साल जिले के कृषि विज्ञान के केंद्र से जुड़कर कृषि एवम सबंधित कार्य करने वाले चयनित किसी एक किसान को ‘अभिनव किसान’ जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। सीतामढ़ी एसपी और सीतामढ़ी के प्रभारी मंत्री सुरेश शर्मा द्वारा भी अनुपम कुमारी पुरस्कृत हो चुकी है ।

अभी हाल में प्रसार भारती, दूरदर्शन के द्वारा आयोजित कृषि रियलिटी शो : महिला किसान अवार्ड के लिए चयनित की गयी है अनुपम । इनका चयन देश के सर्वश्रेठ किसानों में किया गया । देश भर से कुल 114 किसानों का चयन हुआ है । दूरदर्शन द्वारा इनके ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री भी शूट की जाएगी । इन्ही में से 3 अति सर्वश्रेठ किसान को प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा ।

बेहद कम उम्र में समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन कर उभरी किसान अनुपम कुमारी के कार्यों की मीडिया ने भी खूब सराहना की । टीवी चैनल, पत्र पत्रिकाओं द्वारा इनके कार्यों को प्रोत्साहित किया गया । सच्च में, कृषि जैसे क्षेत्र में सफल होकर अनुपम कुमारी ने एक मिसाल कायम की है । मशरूम की खेती और वर्मी कम्पोस्ट खाद का सफ़ल उत्पादन कर समाज के औरों महिलाओं के लिए एक प्रेरक काम की है अनुपम ने । तभी तो आज सैकड़ो महिलाएं उनके साथ कृषि की बारीकियां सिख रही और सफल भी हो रही । आज गांव घर आस पास की सारी महिलाएं खुश हैँ । महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का जो अलख अनुपम ने जगाई है वह बेहद प्रशंसनीय है । महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल सीतामढ़ी की बेटी कृषक अनुपम कुमारी को बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ।।

एक टीवी चैनल पर प्रसारित अनुपम की स्टोरी सुनिए :

आर्टिकल : ( रंजीत पूर्बे )

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4 thoughts on “सीतामढ़ी की बेटी ‘मशरूम गर्ल’ अनुपम कुमारी शामिल हुई देश की सर्वश्रेष्ठ किसानों में ।

  1. धरातल पर कुछ नही है । इनके गॉव के लोग आश्चर्य कर रहे हैं । सिर्फ कागज पर कार्य चल रहा है । वही इनके जगह पुरूष रहतो तो शुन्य शाबित रहता ।

    कहाबत है गॉवों में कि हर बहे से खर खाय आ बकरी खाय अचार

    1. बुरा जो देखन मै चला बुरा न मिला कोई जो जग धुन्ढा आपमे तो मुझ सा बुरा न कोई

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