सेल्फ़ी रोग….एक राष्ट्रीय समस्या😉

हमारे देश में बहुत तरह की समस्याएं हैं, उनमें सबसे ताजी और नई समस्या है “सेल्फी रोग”। यह एक महामारी की तरह फैल रहा है। पहले इसने बड़े शहरों जैसे की दिल्ली,मुम्बई को अपने चपेट में लिया। फिर छोटे शहरों की ओर रुख किया और अब तेजी से ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ रहा।यह रुकने का नाम ही नहीं ले रहा बस फैले जा रहा है।अगर आज हम भारत का नक्शा देखे तो कश्मीर से कन्याकुमारी तक कोई ऐसा इलाका शायद ही आपको मिले जो सेल्फी रोग से त्रस्त नहीं है।फिर भी अभी तक न केंद्र सरकार द्वारा और ना हीं किसी राज्य सरकार द्वारा कोई भी उचित कदम उठाया गया है इस समस्या से निपटने के लिए। पीड़ित लोग खुद अपने स्तर पर इससे निपट रहे है। अगर तत्काल कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो निकट भविष्य में बहुत बड़ी समस्या देश के सामने खड़ी हो सकती है।
आइये अब हम इस समस्या के विभिन्न पहलुओं को देखते है कि कैसे यह लोगों को अपने चपेट में लेकर उनके जीवन को प्रभावित कर रही है।
अगर कोई सबसे अधिक इस समस्या से पीड़ित है तो वह है हमारी शहरों की युवा नारी समाज।यह वर्ग बुरी तरह चपेट में है,यथाशीघ्र इन्हें मदद की जरुरत है। एक सर्वे में आया है कि सेल्फी के आने के बाद से इन युवा नारियों के मुँह के आकार में परिवर्तन देखा गया है। ये जिस तरह से मुँह बना कर सेल्फी लेती है,ब्रह्माण्ड का सबसे दुखी इंसान भी इन्हें देखकर खुद को हँसने से रोक नहीं सकता है।

साभार गूगल बाबा
साभार गूगल बाबा

शहरों का युवा पुरुष वर्ग भी इस समस्या से अछूता नहीं है।लेकिन मुँह बनाने की कला में वो मात खा जाता है।
गांवों में लोग अभी सेल्फी लेना सीख रहे है। उन्हें पता ही नहीं की सेल्फी लेने के वक्त मुँह ऐंठ लिया जाता है। वरना हमारे ग्रामीण महिलाएं इसमें पुरे विश्व में अव्वल हैं। और गांवों के लोग सेल्फी लेते वक्त इतने गंभीर हो जाते है जितने की सुबह सुबह खेतों में भी न होते होंगे।
कुछ लोग इस बीमारी से ज्यादा गंभीर रूप से ग्रसित है। वे बात बात में मोबाईल खड़ी कर देते है। पल पल की सेल्फी फेसबुक,व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम पर शेयर करते है।जिनसे लोग अब ऊब चुके है। उन्हें शीघ्र चिकित्सकीय परामर्श की आवश्यकता है।

और हाँ कुछ लोग जो सेल्फी लेते वक़्त दो उँगलियाँ मोड़ लेते और दो उँगलियों को आगे कर के जो पोज़ देते है उसका मतलब आज तक समझ में नहीं आया मुझे।आपलोग को अगर पता हो तो जरूर बताईयेगा।
हमारे प्रधानमंत्री जी का इस देश में सेल्फी को लोकप्रिय बनाने में बहुत बड़ा योगदान है, वे कभी नहीं सोचें होंगे की ये देश में इतनी बड़ी समस्या बन जायेगी।प्रधानमंत्री जी को तुरंत संसद का विशेष सत्र बुला कर इस समस्या पर चर्चा करानी चाहिए। एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति बना कर रिपोर्ट तैयार करने की शीघ्र घोषणा करनी चाहिए। गृह मंत्री राजनाथ जी पहले ही इसकी कड़ी निंदा कर चुके हैं। उन्होंने कभी सेल्फी नहीं ली। सरकार में भी विरोधाभास साफ़ दिखाई देता है।
आगे भईया आपकी मर्ज़ी……😄😄😄😄

3 thoughts on “सेल्फ़ी रोग….एक राष्ट्रीय समस्या😉

  1. बंम बंम भोलें
    समस्या तो गंभीर है

    भैइया बहुते निक लगलों पढ

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