Navnita Archive

Poems

जिन्दगी

मैने लाख मिन्नते की ज़िंदगी से, मुझे इस तरह आजमाया ना करो, कभी देकर हज़ार खुशिया, कभी ग़म के बोझ से रूलाया ना करो. मै थक जाती हू,बेबस और हतास हो जाती हू, ऐ …
Connect with us on: