Navnita Singh

ना किसी से कोई बैर,ना दुशमनी रखती हू, समझती हु हर शख्स को, बस अपनेआप को व्यस्त रखती हू खुदा ने जो बख्शी है जिन्द्गी उसे हर वक्त मस्त रखती हू

“औलाद”

“औलाद” मां ने तुमको जन्म दिया,पिता ने संभाला था, दोनो ने मिलकर बड़ा किया, बड़े

सोशल मीडिया

न जाने हम क्या थे और क्या हो गए जो बसा ली है दुनियां,बस उसमें खो गए वक्त ने बदल डाली अपनी चाल है अब लोग फ़ेसबुक पे पूछते हैं क्या आपका हाल है ? सेना लड रही है  सीमा पर जुबानी जंग ट्विटर पर सरेआम है घर में माँ की कदर नहीं ” गौ माता

जिन्दगी

मैने लाख मिन्नते की ज़िंदगी से, मुझे इस तरह आजमाया ना करो, कभी देकर हज़ार