देसवा – फिल्म समीक्षा.

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देसवा 2003 में बिहार की वास्तविक स्तिथि को बड़े परदे पर दर्शाने की कोशिश की गयी है. नितिन चंद्रा के द्वारा निर्देशित इस फिल्म में बिहार की वस्तुस्तिथि दिखाने के लिए बिहारी कलाकारों का सहारा लिया गया है. मनोहर चाचा, रंगमंच के प्रसिद्ध कलाकार अभिषेक शर्मा हैं, तो फिल्म में मुख्य भूमिका में राजीव कुमार  हैं जो  क्रांति प्रकाश ने निभाया है , उनकी गर्लफ्रेंड सीमा  का किरदार आरती पूरी को दिया गया है, संकर पाण्डेय के रूप में दीपक सिंह हैं. जीन्स के किरदार में अजय कुमार हैं, फिल्म मुख्यतः इन सब के इर्द गिर्द ही घूमती रहती है.

2003 में बिहार में हत्या, अपहरण जोड़ों पर था, इसको फिल्माने में नितिन ने कहीं कोई कोताही नही बरती है. शॉट्स पटना और बक्सर के हैं, तो देखने वाले खुद से उसे तुरंत जोड़ पाते हैं, सुरभि ढाबा दीखता है तो पता चल जाता है की फिल्म अपने आस पास की ही है.

राजीव दो बार upsc का इंटरव्यू दे चुके हैं मगर चुक गए हैं, वापस अपने शिक्षक बाबूजी के पास आते हैं , जो पहले से ही क़र्ज़ में डूबे हुए हैं. बेटी की शादी के लिए 4 लाख रुपये की उन्हें जरुरत है. राजीव के बहुत प्रयास के बावजूद बक्सर में बात नही बन पा रही है तो बाबूजी पटना में नौकरी फाइनल करवाते हैं. राजीव के छह महीने की मेहनत की कमाई पटना में लूट ली जाती है. उधर दीपक क्लर्क की परीक्षा पास करने के बाद नौकरी शुरू करने के लिए २ लाख रुपये खोज रहा होता है. फिल्म का मध्य किसी आम फिल्म की तरह है , लोग मिलते हैं, कोई रास्ता नही सूझता तो अपहरण का प्लान बनाते हैं वगैरह. होटल व्यवसायी का अपहरण गड़बड़ा जाता है.. आगे कुछ भी बोलना , फिल्म का पोल खोलना होगा.

फिल्म में सबसे जानदार किरदार है तो वो जींस का है, बातें थोड़ी गंवार जैसी होती है, मगर उसके पृष्ठभूमि तगरे.  फिल्म 2009 के आते आते बिहार को बदला हुआ दिखाता  है , शायद यही बात है जो नितीश जी को फिल्म पसंद आई हो.

फिल्म आपको सवा दो घंटे जकड कर रखता है, ये कहते हुए की भाई बिहारी हो तो सिनेमा देख के ही उठाना. बेहतरीन निर्देशन और अभिनय आपको कहीं महसूस नही होने देगा की आप समकालीन भोजपुरी फिल्म देख रहे हैं.

भोजपुरी सिनेमा में एक नयी शैली का उदय हो रहा है , जिसमे बॉलीवुड से कम्पटीशन करने की क्षमता है.  youtube पर उपलब्ध इस फिल्म को देखिये और अपना विचार दीजिये. नितिन की मैथिलि फिल्म मिथिला मखान को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया है मगर फिल्म आज तक रिलीज़ का इंतज़ार कर रही है. निचे दिए लिंक से आप पूरी फिल्म देख सकते हैं और NEO BIHAR  को सब्सक्राइब कर सकते हैं.

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